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गुरुवार, 16 जनवरी 2025

मेरो मन गया कृष्ण के संग

मेरो मन गया कृष्ण के संग,

अब क्या रहा है बाकी।

सांस-सांस में गूंजे मोहन,

हर पल सुनूं उनकी बाँसुरी की तान प्यारी।


चलती हवा में कृष्ण बसे हैं,

झरनों में उनकी रागिनी।

पत्तों की सरसराहट बोले,

मुरलीधर की मधुर वाणी।


बच्चों की किलकारी में अब,

कृष्ण का प्रेम झलकता है।

हर ध्वनि, हर रूप में गोविंद,

मन को मोहित करता है।


सोचूं तो बस उनका नाम,

जागूं तो वही हैं ध्यान।

क्या वो भी हमें याद करते,

हम जैसे तुच्छ जीव को मान?


क्या कभी वो हमारे नाम को,

अपने अधरों से दोहराते हैं?

क्या उनके मन में प्रेम हमारा,

जैसे हमारे मन में रमता है?


हे कान्हा! तुम्हीं आधार हो,

तुम बिन जीवन सूना है।

भक्ति की इस लहर में डूबा,

मन बस तुम्हारा ही दीवाना है।

गुरुवार, 2 जनवरी 2025

हरे कृष्णा बोलूं, हरे कृष्णा बोलूं - Revised

 हरे कृष्णा बोलूं, हरे कृष्णा बोलूं,
        तेरे नाम में ही डोलूं !
हरे कृष्णा बोलूं, हरे कृष्णा बोलूं !!

हरे कृष्णा बोलूं, हरे कृष्णा बोलूं, 
तेरे नाम में ही डोलूं।
 हरे कृष्णा बोलूं, हरे कृष्णा बोलूं !!


सुख के क्षणों में, 
    तुझे याद करूं !
दुख के सागर में, 
    तेरा ध्यान धरूं !!
हर धड़कन में,
     तेरा ही बोलूं !
तेरे नाम में ही डोलूं  !
     हरे कृष्णा बोलूं, हरे कृष्णा बोलूं !!

सच्चे रस्ते पर,
     तू ले चले,
हर ग़लत राह से,
     मुझे बचा ले !!
तेरी कृपा से,
     मैं जीवन टटोलूं,
तेरे नाम में ही डोलूं।
     हरे कृष्णा बोलूं, हरे कृष्णा बोलूं,
तेरा नाम मेरी ज्योति बने,
    अंधकार में भी राह दिखाए।
    तेरे चरणों का संग पाऊं,
    तेरे नाम में ही डोलूं।
 हरे कृष्णा बोलूं, हरे कृष्णा बोलूं,
मुरली की मधुर तान सुहाए,
हर पल मुझको तुझसे मिलाए।
तेरे प्रेम में रंग मैं घोलूं,
तेरे नाम में ही डोलूं।
 हरे कृष्णा बोलूं, हरे कृष्णा बोलूं,
तेरा नाम है मुझमें बसा,
हर सांस तुझसे हो जुड़ा।
तेरी मुरली की धुन सुनाऊं,
तेरे नाम में ही डोलूं।
 हरे कृष्णा बोलूं, हरे कृष्णा बोलूं,
तेरे दर का दीवाना बनूं,
हर सांस में तेरा जप करूं।
संसार की चंचलता भूलूं,
तेरे नाम में ही डोलूं।
 हरे कृष्णा बोलूं, हरे कृष्णा बोलूं,
जग का हर सुख तुझमें पाऊं,
तेरे नाम से जीवन सजाऊं।
तेरी कृपा का दरिया खोलूं,
तेरे नाम में ही डोलूं।
 हरे कृष्णा बोलूं, हरे कृष्णा बोलूं,
तेरा नाम मेरी शीतल छांव,
तेरे बिना सब सपना बन जाओ।
हर दुख मिटे, हर भय हटे,
तेरे नाम में ही डोलूं।
मन में बसा तेरा मुरलीधर रूप,
तेरी भक्ति से कट जाएं दुख।
हर क्षण तेरा ही रस मैं घोलूं,
तेरे नाम में ही डोलूं।
 हरे कृष्णा बोलूं, हरे कृष्णा बोलूं,
तेरा साथ ही है मेरा आधार,
तेरे बिना सब है बेकार।
हर गम में तुझसे ही बोलूं,
तेरे नाम में ही डोलूं।
 हरे कृष्णा बोलूं, हरे कृष्णा बोलूं,
हरे कृष्णा बोलूं, हरे कृष्णा बोलूं,
तेरे नाम में ही डोलूं,
हरे कृष्णा बोलूं, हरे कृष्णा बोलूं।

सोमवार, 30 दिसंबर 2024

नया भारत : छत्रपति शिवाजी

Dedicated to Shiva Jee 


हाथ में तलवार लिए, 

           सिंहासन पर वीर !

छत्रपति शिवाजी, 

         जिनसे कांपे अधीर !!

मुट्ठी भर सैनिक, 

        पर साहस था अपार !

रणभूमि में वो लड़े, 

        रचा नया इतिहास !!

हर पर्वत,  हर किला,

     गूंजे उनकी शान !

शिवाजी का नाम है,

     भारत की पहचान !!

जय हो, जय हो, 

    मराठा के शेरों !

जय हो, जय हो, 

    भारत के वीर !!


छोटी सी सेना दिखे,

       पर थे चतुर चालाक !

गोरिल्ला युद्ध से हराया,

         दुश्मनों का राग !!


सूर्यगढ़ का किला, 

        अफजल का गुरूर !

शिवाजी ने तोड़ा, 

        बनाया नया नूर !!


कौटिल्य की नीति, 

        और साहस का संग !

छत्रपति का परचम,

         लहराए हर रंग !!


जय हो, जय हो, उनके सपनों की,

जय हो, जय हो, उनके अपनों की !!


आदर्श थे जनता के,

     न्याय में महान,


धर्म और संस्कृति के,

     सच्चे रखवाल !

मुगलों को दिखाया, 

    स्वराज का रंग,

छत्रपति ने,

     भारत को दिया नया ढंग !!

हर नर गाए, 

        उनकी गौरव गाथा,

शिवाजी की वीरता,

        से बना ये नाता !


जय हो, जय हो, भारत के प्रहरी की,

जय हो, जय हो, उस अमर कहानी की !!


छत्रपति का साहस, 

        हर दिल में आज भी है !

नया भारत बनाएंगे, 

        वही जोश रगों में है !!


जय हो, जय हो, उनके स्वराज की,

जय हो, जय हो, इस नयी शुरुआत की !! #shabdras

रविवार, 29 दिसंबर 2024

भगवान का शुक्र

भगवान का शुक्र किया,

     तो करता ही चला गया !

मैं तो कृष्ण के प्रेम में,

     बहता ही चला गया !!

शुरू किया था,

     दो ही अक्षर लिखना !

मैं तो फ़साना ही,

     लिखता चला गया !!

ये श्वास,  

    ये खुशबू, 

           ये नज़ारे,

मैं तो खुशी में, 

    समाता ही चला गया !

कृष्ण की मुरली की,

     तान सुनकर !


मैं अपने मन को,

     भुलाता ही चला गया।

चलता चला जाऊं,

     मैं यूं ही रास्ते पर !!


कृष्ण के शुक्र में,

     करता ही चला जाऊं !

हर मोड़ पर, उनकी लीला को देखूं,

     हर कदम पर उनके नाम को जपूं !!


तेरा नाम ही,

     मेरी साधना बने !

तेरे चरण ही,

     मेरी यात्रा बने !!

शुरू किया जो,

     प्रेम का सफर !

कृष्ण, तुझमें ही,

     मैं खोता चला गया !!

शब्द खत्म हों, 

    पर प्रेम न रुके !

तेरी महिमा का गान,

     कभी न थमे !

भगवान का शुक्र किया,

     तो करता ही चला गया !

मैं तो कृष्ण के प्रेम में,

     बहता ही चला गया !!

शनिवार, 28 दिसंबर 2024

फिर देख, वो सुबह आएगी

फिर देख, 

    वो सुबह आएगी !

जो अश्कों को मुस्कानों में बदल जाएगी !!


हर दर्द की,

     कहानी भूल जाएगी !

हर चाहत को,

     मंज़िल दिलाएगी !!

चुप थे जो दिल, 

        वो बोलेंगे !

टूटे सपने फिर,

         से जोड़ेंगे !!


फिर देख, 

    वो सुबह आएगी !

जो हर दिल को,

     रोशन कर जाएगी !!


ख़ामोशी का शोर,

     सुनाई देगा !

हर ग़म का चेहरा,

     छुपाई देगा !!

जो बिछड़ गए, 

    वो मिल जाएंगे !

जो रूठे थे, 

       वो हँस जाएंगे !!


फिर देख, 

    वो सुबह आएगी !

जो हर दिल को,

     रोशन कर जाएगी !!


मगर वो सुबह,

     दूर है अभी !

रात का साया है,

     गहरा सभी!!

पर हर अंधेरा,

     कट जाएगा !

जब उम्मीद का,

     सूरज चमक जाएगा!!

फिर देख, 

    वो सुबह आएगी !

हर दर्द के साथ,

     एक मुस्कान होगी !

और ज़िंदगी फिर से,

     आसान होगी !

फिर देख, 

    वो सुबह आएगी !! #shabdras

तेरे आने का इंतज़ार करते-करते

तेरे आने का इंतज़ार करते-करते,

आँखों के आँसू भी सूख गए हैं।

ख़्वाबों में सजा तेरा चेहरा,

वक़्त की धूल में धुंधला सा गया है।


भूल गया हूँ शायद आवाज़ तेरी,

तेरा चेहरा भी यादों में ढलता जा रहा है।

रुक-रुक कर ही ठहर जाता हूँ,

घबरा जाता हूँ सोच-सोच के।

ये तू नहीं, तेरी याद ही है,

जो हर पल मेरी साँसों में बसी है।


हर चाँद और सूरज के उदय के साथ,

तुझे याद करता हूँ हर बार।

काश, तू बस एक बार लौट आए,

तेरे ही इंतज़ार में कटी हैं ये रातें हज़ार।


तेरी राहों में नजरें बिछाए बैठा हूँ,

हर आहट पर दिल मचल जाता है।

पर इस खामोशी में तेरी कमी,

हर लम्हा मुझे तड़पाती जाती है।


क्या तू भी मुझे भूल गई है?

या वक़्त ने तुझे भी बदल दिया है?

फिर भी, तुझसे मिलने की आस लिए,

हर दुआ में तेरा नाम लिया है।

गुरुवार, 26 दिसंबर 2024

मनमोहन जी — श्रद्धांजलि


आज हवाएँ रुक गई हैं,

समा बंदे गया है क्या !

कहीं भारत माता का पुत्र,

आज विदा हो गया है !!

आज न किसी राजनीति की बात होगी,

न कोई संगठन आपस में भिड़ेगा !

आज बस सब साथ में,

भारत के पुत्र को याद करके जुड़ेगा !!

सादगी और विद्वता का संगम,

जो था देश का गहना !

आपका जीवन,

था भारत का सच्चा सपना !

धैर्य और विवेक से जिसने,

हर तूफान सह लिया !!

भारत की अर्थनीति को,

संकट से पार कर दिया !


देश का वह मुश्किल दौर,

जब देश पर संकट छाया था।

मनमोहन जी के सुधारों ने,

आर्थिक क्रांति लाया था।

खोले बाजार, बनाई नई राहें,

विश्व को भारत का दम दिखाया।

निवेश, उद्योग, और रोजगार में,

नई क्रांति का बीज लगाया।

आपकी दूरदर्शिता और कुशाग्र बुद्धि,

हमेशा प्रेरणा देती रहेगी।

भारत माँ का यह सपूत,

हर दिल में जिंदा रहेगा।


श्रद्धांजलि अर्पित। #shabdras

रविवार, 22 दिसंबर 2024

फिर देख, वो सुबह आएगी

फिर देख, वो सुबह आएगी,

हर दिल में ईमानदारी लाएगी।

न कोई रिश्वत, न कोई छल होगा,

हर रास्ता सच्चाई का पल होगा।


हर नेता, हर अधिकारी सच्चा,

हर इंसान का इरादा पक्का।

जहां न्याय का होगा राज,

हर भारतवासी बनेगा वीर और आज।


सोने की चिड़िया फिर कहलाएंगे,

गोल्डन हार्ट से भारत सजाएंगे।

हर कोना चमकेगा उजालों से,

हर सपना पूरा होगा अरमानों से।


ज्ञान, विज्ञान में होंगे महान,

दुनिया फिर कहेगी भारत महान।

सत्य, सेवा, और प्रेम का होगा वास,

नए भारत में होगा स्वर्णिम प्रकाश।


फिर देख, वो सुनहरी घड़ी आएगी,

हर मुश्किल राहों को सरल बनाएगी।

भारत बनेगा जग का सिरमौर,

हर दिल में होगा उसका गौरव और जोर।

शनिवार, 21 दिसंबर 2024

किसको जोड़ रहा है प्यारे साथ क्या ले जाएगा

किसको जोड़ रहा है प्यारे, 

     साथ क्या ले जाएगा !

हाथ खाली, जेब भी खाली, 

   सीधा ऊपर जाएगा।!

मोह-माया के पीछे, 

    भागेगा तो क्या पाएगा !

आत्मा की शुद्धि कर, 

        यही तुझे तराएगा।

रिश्ते-नाते, 

    दोस्त-प्यारे, 

सब यहीं रह जाएंगे !

तेरे संग तेरा कर्म  ही ऊपर जाएंगे।

किसका साथ, 

   कौन अनाथ !

तू अकेला आया था, 

   अकेला ही जाएगा।

हाथ खाली, जेब भी खाली, 

   सीधा ऊपर जाएगा।!

मोह के बंधन को तू  तोड़, 

   सच्चाई को गले लगा !

राम का नाम जप, 

   यही तुझे शांति दिलाएगा।!

जो भी मिला, 

    सब यहीं छोड़ जाएगा !

बस पुण्य और भक्ति का खज़ाना ही संग जाएगा।

भज ले प्यारे राम का नाम,

तेरा सहारा,  सच्चा धाम।

वही तो तेरे साथ जाएगा 

तेरी ज़ुल्फों की याद में

कागज़ के पन्नों को,

     तेरी ज़ुल्फों की याद में पलटता जा रहा हूँ ऐसे !

जैसे तू यहीं कहीं छुप गई हो जैसे !!

वीरान गलियों में, 

     तुझे ढूंढता फिर रहा हूँ कुछ ऐसे !

जैसे की हर मोड़ पर, 

   तेरे कदमों के निशां तलाश रहा हूँ।

कुछ जाम निगलता हूँ,

   चलते-चलते,  सब छलकते छलकते !

पर हर घूंट में, 

   तेरी ही झलक पाता जा रहा हूँ जैसे!!

संभलते-संभलते,

    बिखरता जा रहा हूँ !

चुपचाप भी तो , 

     कितना शोर करता जा रहा हूँ !!

तेरी खामोशी, 

   अब साज़ बनकर बजने लगी है !

और मेरी तन्हाई,

  हर गली से गुजरने लगी है !!

सफ़र ये कैसा है, 

    जो ख़त्म ही नहीं होता !

तेरी यादों का ये अक्स,

         मिटता ही नहीं !!

कागज़ के पन्नों को,

     तेरी ज़ुल्फों की याद में पलटता जा रहा हूँ ऐसे  #shabras #chads 

मंगलवार, 17 दिसंबर 2024

बंदरों की तरह लोग

बंदरों की तरह लोग कूदें,

      दिन भर बस भागमभाग में रूठें !

कभी फाइलों के ढेर में खोए,

      कभी मीटिंग के भंवर में डूबें !!


काम का जंगल, सपनों का भार,

     हर कोई बन बैठा बंदर लाचार !

सुबह उठें, दौड़ लगाएं,

शाम को थके, बस सो जाएं !!


कोई टीचर, कोई डॉक्टर,

      कोई इंजीनियर, कोई एक्टर !

हर काम बस एक ही धुन,

      खो गया मन का सूक्ष्म जुनून !!


फिर एक दिन आवाज़ आई,

      भीतर से कोई पुकार लगाई !

ये क्या कर रहे हो भाई , 

   रुक जाओ !!

  खुद को जानो, 

          थोड़ा मुस्कराओ !!

आत्मा की वो कोमल पुकार,

     तोड़ी जालिम भागदौड़ की दीवार !

जिनके भीतर था जोश कभी,

      अब खोजने लगे खुद का सही !!

अब समझे, ये दौड़ थी झूठी,

सच तो भीतर था, 

          ना कहीं बाहर !!

 अपने भीतर के ज्ञान को पहचान 

      और जान के साधक कहला !! #shabdras 

सोमवार, 16 दिसंबर 2024

सब जान, नर-पशु, मेरे लिए तो सब समान

 सब जान, नर-पशु, मेरे लिए तो सब समान

न कोई छोटा, न कोई बड़ा,
सबका मेरा एक ही मान।

आकार-विकार भले हों अलग,
रंग-रूप भी हों अनेक प्रकार,
इन्हीं भेदों से रचा है मैंने यह सुंदर संसार।

मेरे लिए तो सब समान,
न कोई भेद, न कोई भाव,
सब मेरे ही अंश हैं,
सब पर एक समान बरसता मेरा प्यार।

मुझ तक पहुँचना है यदि आसान,
तो त्याग दो मन का भ्रमित जहान।
श्रद्धा, प्रेम और समर्पण से आओ,
मेरी शरण में संपूर्ण हृदय से समा जाओ।

मैं वहीं हूँ जहाँ विश्वास है,
जहाँ प्रेम का अटल प्रकाश है।
जो खोजेगा सच्चे मन से मुझे,
वही पाएगा मेरा आशीष और हृदय में निवास है।

छोटी सी वो बात थी

 छोटी सी वो बात थी

जाने कब की बात थी,
सुबह की बात थी ! 

     या शाम की ही बात थी !!
धूप थी या ठंडी हवा का साथ था !
चाय की चुस्की पर थी,
या चुस्की पे चुस्की की बात थी !!

तुम्हारी हँसी में कोई राज था,
या वो मेरे दिल का ही अंदाज़ था !!
ख़ामोश लबों के पीछे एक सवाल था,
या निगाहों में छुपा कोई जवाब था !!

वो लम्हा ठहरा था या गुज़र गया,
वक़्त का सिला  या कोई ख़्वाब था !!
मेरी धड़कनों ने कुछ कहा था,
क्या वो तुम्हारे दिल की सदा थी  !!

राहों में तेरी हलचल थी या मेरी आहट थी !
दूर कहीं बजी घड़ी की झंकार थी,
या मेरे अंदर उठती पुकार थी !
इकरार था या मेरा प्यार था,
या सच में... सच में इज़हार था।

शनिवार, 11 सितंबर 2021

हरे कृष्णा बोलूं , हरे कृष्णा बोलूं !

 हरे कृष्णा बोलूं , हरे कृष्णा बोलूं !

    तेरे नाम, 

में ही डोलूं , 

        हरे कृष्णा बोलूं !

        हरे कृष्णा बोलूं ! !

    सुख में,

         और दुःख में, 

                कृष्णा (long ) ढूंडू ,

        हरे कृष्णा बोलूं !

         हरे कृष्णा बोलूं !!

सच्चे रस्ते,

     पर चलूँ, 

    कृष्णा कृष्णा बोलूं, 

        हरे कृष्णा बोलूं !

          हरे कृष्णा बोलूं !!

तेरे नाम. 

    को ,

    अपने अंदर ढूंढूं, 

        हरे कृष्णा बोलूं !

        हरे कृष्णा बोलूं !!


तेरे से, 

    बिछड़ के,

     दुःख में डूबूं, 

    हरे कृष्णा बोलूं  !

    हरे कृष्णा बोलूं  !!


Speak Hare Krishna, Speak Hare Krishna!

    In your name, I will wave in your name,

        Say Hare Krishna!

    In happiness and in sorrow, find Krishna (long),

        Say Hare Krishna!!

Let me follow the true path, say Krishna Krishna,

        Say Hare Krishna!!

Let me find your name in me, I will say Hare Krishna!

        Say Hare Krishna!!

I will drown in the sorrow of separation from you, I should say Hare Krishna

  Say Hare Krishna!!






कृष्णा का नाम जपते चले

कृष्णा का नाम जपते चलो,
    सुबह-शाम सिमरन करते चलो।
कृष्णा का नाम जपते चलो,
    हर सांस में उनका ध्यान करते चलो।

गलत राह से हट जाए मन,
    पाप से दूर, हो सच्चा जीवन।
जपो बस नाम, वही सच्चा जाप,
    कृष्णा के चरणों में हो हर परिताप।

हो जाऊं विलीन, ऐसा करो प्यार,
    जपते-जपते दिखे सारा संसार।
सुबह-शाम सिमरन करते चलो,
    कृष्णा का नाम जपते चलो।

ध्यान न बंटे, बस उनका जाप हो,
    प्यार मिले उनकी झोली का अपार हो।
दिन हो या रात, यही एक स्वप्न,
    कृष्णा के नाम में ही सारा अपनापन।

दे दो मुझे अपना अमृत-नाम,
    उद्धार करो, यही है अरमान।
कृष्णा, तुम चलाते हो ये संसार,
    साथ ही ब्रह्मांड का भी करते उद्धार।

दुखों का सागर भी सुखमय हुआ,
    जब तुम्हारे नाम ने मन शुद्ध किया।
आत्मा मिली तुझसे पावन स्वरूप,
    कृष्णा, तुम हो मेरे जीवन का रूप।

कृष्णा का नाम जपते चलो,
    सुबह-शाम सिमरन करते चलो।
हर कदम तुम्हारे नाम का सहारा,
    कृष्णा, तुम ही हो जीवन हमारा। #shabdras #chads

सोमवार, 21 मई 2018

थोड़ा सा प्यार

बिखरे रंगों को बटोर कर,

ज़िन्दगी बनता हूँ,
अपने साये को भी में,
अपना साथी बनता हूँ,
गिरके उठता हूँ,
संभालता यादों के झरोखों से ,
आगे बढ़ता हूँ में फौलाद बनके,
थोड़ी से खुशबु का हमेशा से इंतज़ार,
मुझे चाहिए बस आपका थोड़ा सा प्यार ! #/Shabdras

शुक्रवार, 3 नवंबर 2017

ख़फ़ा हूँ  !!

में तो क़ुदरत कि फ़ितरत से,

         ही खफा हूँ ,

ढूंढ़ता फिरता हूँ,
   
      में अपनी यादों को,

 पकड़ता फिरता हूँ ,

         बीते लमहों को ,

 वक़्त की चादर को,

         छूने को  बेताब हूँ

साँसों का थमना

        थमके फिर रुकना ,

में तो ज़िंदगी के,

       दस्तूर से ख़फ़ा हूँ !

रुकना ना फ़ितरत थी कभी ,

       अब रुक के चलने कहाँ तय्यार हूँ !    !! #Shabdras

शुक्रवार, 16 जून 2017

उड़ोगे दूर कितना तुम

उड़ोगे दूर कितना तुम,
     धरती ही साया  है !
भागोगे कब तक यूं ही तुम,
    हर कदम ही मंज़िल है !!

सोचो एक पल को तो,
  तुमने क्या खोया,
     और क्या  पाया है !

कहाँ से आये थे तुम भी,
   तुमने क्या देखा और जाना है !!

कहता था सिकंदर भी,
   वोह कहता जो ,
सम्राट अशोक भी था,
जीतूंगा दुनिया को ,
   मुट्ठी में करना था !

पड़े  शमशान में वोह हैं,
    यही जीवन की माया है !

थोड़ा रुक के इक पल भी,
    सबको तलब  करलो !
जो साथ में हैं  सब,
  उनका नमन कर लो !   #शब्दरस #Chads







बुधवार, 24 मई 2017

अमेरिका में रेल की सवारी


अमेरिका में रेल की सवारी
सोचा था फिर से,   रेल गाड़ी पकड़ेंगे !
रेलगाड़ी ने ,
पुरानी यादें ताज़ा कर दीं !

हर स्टेशन को वीराना सा पाया ,
       ना कोई शोर ,
और ना कोई चाय-चाय बुलाता आया !
काश हम उतरते,
    कहीं पकोड़े,
 और कहीं चाय  का खुलड़ उठाते ,
कहीं से बच्चों को चंपक और चंदामामा दिलाते !

ना कुछ बेचने वाले दिखते हे,
ना कोई सवारी ,
कुली का शोर दिखा नहीं ,
दिखे तो बस चंद सवारियाँ ,
अपनी अपनी दिशाओं को जाती,
मुस्कुराती, 
लेकिन अपनी रेलगाड़ी की याद दिलाती !!       #शब्दरस chads

शनिवार, 4 मार्च 2017

इस युग का मार्ग प्रदर्शक बन

सपुत्र मैं इस भूमि का,  
    संदेश यह लेकर आया हूँ
तू निर्भय है,      
    तू शोभित बन
तू इस युग का मार्ग प्रदर्शक बन !

हिमालय खड़ा है,
       बटने को
    कश्मीर वो हमसे माँग रहे,
क्या लगता है तुमको है वो
       प्यार से यूँ ही मान रहे !

वीरों ने दिया बलिदान जो है,   
   पुत्रों के शीश चढ़ाए हैं ,
बहनो ने अपने सुहागों से,    
   धरती का मान बचाया है !

वोह ताज की ज्वाला क्यों भूलूँ ,   
      वोह मुंबई को जलता क्यों देखूँ,
वोह आँख लगाए बेठा है
      मैं  उस आँख को यूँ केसे देखूँ ! 
मैं  पूरब हूँ ,   
    वोह पश्चिम है ,
मैं  उत्तर हूँ,   
    वोह दक्षिण हैं  
मैं  प्यार का हाथ बड़ता हूँ,    
   वोह पीठ पर वार चलता है
वोह कारगिल में बेठा था,    
   धोखा और द्वेष लिए,
मैं  केसे चुप रहा जाता था ,    
   वोह मुझको ही ललकार रहा !

मिलना गंगा का जमुना में,     
   भाता सबको है , 
     ह्रदेय से
कर देता खंडित - खंडित है,   
   जो थोड़ा सा खोट मिला ,
      उस पावन  गंगा जल मे है !

माना , सिन्ध बिना ना होता,     
    मे्रे  हिद का सपना हे,  
बाँह फ़ेलकर साथ मैं  दूँ ,      
    जो बनता वोह अपना है,
यह दूरियां ख़तम हो सकतीं , 
    आतंकवाद मिटाना ही,     
      अगर दोनो का सपना है  !!  #shabdras