आज हवाएँ रुक गई हैं,
समा बंदे गया है क्या !
कहीं भारत माता का पुत्र,
आज विदा हो गया है !!
आज न किसी राजनीति की बात होगी,
न कोई संगठन आपस में भिड़ेगा !
आज बस सब साथ में,
भारत के पुत्र को याद करके जुड़ेगा !!
सादगी और विद्वता का संगम,
जो था देश का गहना !
आपका जीवन,
था भारत का सच्चा सपना !
धैर्य और विवेक से जिसने,
हर तूफान सह लिया !!
भारत की अर्थनीति को,
संकट से पार कर दिया !
देश का वह मुश्किल दौर,
जब देश पर संकट छाया था।
मनमोहन जी के सुधारों ने,
आर्थिक क्रांति लाया था।
खोले बाजार, बनाई नई राहें,
विश्व को भारत का दम दिखाया।
निवेश, उद्योग, और रोजगार में,
नई क्रांति का बीज लगाया।
आपकी दूरदर्शिता और कुशाग्र बुद्धि,
हमेशा प्रेरणा देती रहेगी।
भारत माँ का यह सपूत,
हर दिल में जिंदा रहेगा।
श्रद्धांजलि अर्पित। #shabdras