Like us ON FB

हास्य रस लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
हास्य रस लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 2 फ़रवरी 2017

आ गए हम अमेरिका !: America

आ गए हम अमेरिका !

सोचा था,
  अमरीका जाएंगे !
  कुछ खा के,
       कुछ काम के आएंगे !!

जब यहाँ आये,
      तो बात में आयी !
आधी तनखाह किराये में ,
तो आधी COSTCO  ने उड़ाई !!

धन धनाधन यद्ध  शुरू हो चूका था,
      बच्चों को अंग्रेजी सीखने में,
          श्रीमती  जी का माथा ठन  चूका था !

लो घड़ी  वोह आयी ,
   विध्यालय में हमने पहले भाषा अंग्रेजी लिखवाई !
अध्यापिका जी ने हमें बुलवाया,
    सुबह से शाम तक खटखटाया !
अंग्रेजी का महत्व समझाया !!

 दिन बीता , हफ्ते बीते और बीते  साल !

थोड़े ही समय में बच्चों को अंग्रेजी कुछ इस तरह से आयी.
    कि अपनी हिंदी और पंजाबी हो गयीं परायी !

GO GREEN, GO GREEN के देश में आये थे ,
    बात कुछ तब समझ में आयी ,
जब डाक में ,
     कागजों की फ़ौज आयी !
तो इसके लिए,
 अपने देश में कागज़ बचा रहे थे क्या मेरे भाई !!

बस दिल में,
          एक टूटने की आवाज़ आयी !
   न कोई GREEN,
      यह सो सब  BLACK है भाई !

दिन बदलते गए ,
    धीरे- धीरे ज़िन्दगी ,  
कोस्टको , वालमार्ट और इंडियन स्टोर में सिमट कर रह गयी थी !!

सोचते थे,
कुछ जाएंगे दोस्त बनाएंगे !
   अब बस समझ में आया ,
 यहाँ तो नहीं है कोई अपना  दोस्त,
दोस्त तो दोस्त,
अब तो रिश्तेदार भी काफी दूर हैं मेरे भाई !!