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रविवार, 15 अप्रैल 2012

किसी ने कहा प्यार है

किसी ने कहा प्यार है, 
   दिल ने कहा बेकार है !
जिसके प्यार करो उसका किसी और से करार है,  
     तो क्या ख़ाक प्यार है !!
जिसकी आँखों की मस्ती में, ज़िन्दगी काटनी थी !
    उस मस्ती का तो कोई और ही हकदार है !!
देखा तुझे, सोचा तुझे, पलकों पर सजाया तुझे, 
                            पर क्यों न बताया तुझे !
सोचा तुझे कह ही दूं, 
        दिल के राज़ खोल ही दूं !
कम्भक्त होंठ बोलते नहीं , , 
       तुझे देख कर सोचते नहीं !!
यह प्यार है, 
      तो तन्हाई क्यों ! 
 तू है , 
      तो बेवफाई क्यों !!
तू हवा है, जो उडती है, चली जाती है, 
                 और अपने होने का एहसास हमेशा के लिए दे जाती है !!
ज़िन्दगी की कशमकश में, 
             तेरा इंतज़ार रहेगा ! 
तू न सही, तेरी यादों का सहारा रहेगा !!