आपके इंतज़ार में,
आँखों में कुछ सूनापन सा है !
आपकी यादों की,
नमी सी जो है !!
कब तक करते रहेंगे,
इंतज़ार यूं ही,
ज़िन्दगी के सफर को,
पूरा करना भी है !
खामोशियाँ तोड़ देते,
अगर एतबार होता !
लफ़्ज़ों को परोस देते,
अगर दीदार ए यार होता !!
मिले बिने,
क्या जी लेंगे हम !
जो मिल कर,
हम न मर जाते !!
चाहते तो,
चुरा लेते खुशबु गुलाब से !
आपसे मिलकर,
क्या खुद को चुराते !!
दोस्ती की कसम ,
मेरे ए दोस्त !
हम तो दोस्ती से प्यार को कैसे चुराते !! आशीष चड्ढा - Chads
आँखों में कुछ सूनापन सा है !
आपकी यादों की,
नमी सी जो है !!
कब तक करते रहेंगे,
इंतज़ार यूं ही,
ज़िन्दगी के सफर को,
पूरा करना भी है !
खामोशियाँ तोड़ देते,
अगर एतबार होता !
लफ़्ज़ों को परोस देते,
अगर दीदार ए यार होता !!
मिले बिने,
क्या जी लेंगे हम !
जो मिल कर,
हम न मर जाते !!
चाहते तो,
चुरा लेते खुशबु गुलाब से !
आपसे मिलकर,
क्या खुद को चुराते !!
दोस्ती की कसम ,
मेरे ए दोस्त !
हम तो दोस्ती से प्यार को कैसे चुराते !! आशीष चड्ढा - Chads