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शनिवार, 21 दिसंबर 2024

किसको जोड़ रहा है प्यारे साथ क्या ले जाएगा

किसको जोड़ रहा है प्यारे, 

     साथ क्या ले जाएगा !

हाथ खाली, जेब भी खाली, 

   सीधा ऊपर जाएगा।!

मोह-माया के पीछे, 

    भागेगा तो क्या पाएगा !

आत्मा की शुद्धि कर, 

        यही तुझे तराएगा।

रिश्ते-नाते, 

    दोस्त-प्यारे, 

सब यहीं रह जाएंगे !

तेरे संग तेरा कर्म  ही ऊपर जाएंगे।

किसका साथ, 

   कौन अनाथ !

तू अकेला आया था, 

   अकेला ही जाएगा।

हाथ खाली, जेब भी खाली, 

   सीधा ऊपर जाएगा।!

मोह के बंधन को तू  तोड़, 

   सच्चाई को गले लगा !

राम का नाम जप, 

   यही तुझे शांति दिलाएगा।!

जो भी मिला, 

    सब यहीं छोड़ जाएगा !

बस पुण्य और भक्ति का खज़ाना ही संग जाएगा।

भज ले प्यारे राम का नाम,

तेरा सहारा,  सच्चा धाम।

वही तो तेरे साथ जाएगा 

तेरी ज़ुल्फों की याद में

कागज़ के पन्नों को,

     तेरी ज़ुल्फों की याद में पलटता जा रहा हूँ ऐसे !

जैसे तू यहीं कहीं छुप गई हो जैसे !!

वीरान गलियों में, 

     तुझे ढूंढता फिर रहा हूँ कुछ ऐसे !

जैसे की हर मोड़ पर, 

   तेरे कदमों के निशां तलाश रहा हूँ।

कुछ जाम निगलता हूँ,

   चलते-चलते,  सब छलकते छलकते !

पर हर घूंट में, 

   तेरी ही झलक पाता जा रहा हूँ जैसे!!

संभलते-संभलते,

    बिखरता जा रहा हूँ !

चुपचाप भी तो , 

     कितना शोर करता जा रहा हूँ !!

तेरी खामोशी, 

   अब साज़ बनकर बजने लगी है !

और मेरी तन्हाई,

  हर गली से गुजरने लगी है !!

सफ़र ये कैसा है, 

    जो ख़त्म ही नहीं होता !

तेरी यादों का ये अक्स,

         मिटता ही नहीं !!

कागज़ के पन्नों को,

     तेरी ज़ुल्फों की याद में पलटता जा रहा हूँ ऐसे  #shabras #chads 

सोमवार, 16 दिसंबर 2024

सब जान, नर-पशु, मेरे लिए तो सब समान

 सब जान, नर-पशु, मेरे लिए तो सब समान

न कोई छोटा, न कोई बड़ा,
सबका मेरा एक ही मान।

आकार-विकार भले हों अलग,
रंग-रूप भी हों अनेक प्रकार,
इन्हीं भेदों से रचा है मैंने यह सुंदर संसार।

मेरे लिए तो सब समान,
न कोई भेद, न कोई भाव,
सब मेरे ही अंश हैं,
सब पर एक समान बरसता मेरा प्यार।

मुझ तक पहुँचना है यदि आसान,
तो त्याग दो मन का भ्रमित जहान।
श्रद्धा, प्रेम और समर्पण से आओ,
मेरी शरण में संपूर्ण हृदय से समा जाओ।

मैं वहीं हूँ जहाँ विश्वास है,
जहाँ प्रेम का अटल प्रकाश है।
जो खोजेगा सच्चे मन से मुझे,
वही पाएगा मेरा आशीष और हृदय में निवास है।

गुरुवार, 2 फ़रवरी 2017

आपके इंतज़ार में

आपके इंतज़ार में,
         आँखों में कुछ सूनापन सा है !
 आपकी यादों की,
           नमी सी जो है !!

  कब तक करते रहेंगे,
            इंतज़ार यूं ही,
 ज़िन्दगी के सफर को,
         पूरा करना भी है !

खामोशियाँ तोड़ देते,
          अगर एतबार होता !
  लफ़्ज़ों  को परोस देते,
          अगर दीदार ए यार होता !!

मिले बिने,
    क्या जी लेंगे हम !
जो मिल कर,
 हम न मर जाते !!

चाहते तो,
     चुरा लेते खुशबु गुलाब से !
     आपसे मिलकर,
क्या खुद को चुराते !!

दोस्ती की कसम ,
  मेरे ए दोस्त !
हम तो दोस्ती से प्यार को कैसे चुराते !! आशीष चड्ढा - Chads

आपका इंतज़ार दिन रात किया करते थे

आपका इंतज़ार,
       दिन रात किया करते थे  !
दिले धड़कन,
        तेज़ किया करते थे !!

आपके आने से ,
        जो महक जाता था गुले गुलशन !
हम अपनी सांसों ,
        को उसमे महक कर जिया करते थे !!

आपका आना,
     आपकी फितरत थी !
 हम उसको भी,
 आपका इशारा समझ कर जिया करते थे !!

होंठों से निकलते शब्द,
      कुछ शहद की तरह !
 हाँ तो उसको भी,
      हम मदिरा समझ के झूम लेते थे !!

कभी सोचा न था,
   मुलाकात होगी !
हम तो आपको सपनों में भी,
 आंहें  भर के जिया करते थे

मिलना बिछुड़ना ,
      बिछुड़के फिर मिलना !
 हम तो इसमें भी ज़िन्दगी तलाश करते थे !!

आपका मिलना,
       हमारी खुशनबी थी !
वरना हम तो आपकी यादों में मरके जिए करते थे !!

आपका इंतज़ार दिन रात किया करते थे !! - आशीष चड्ढा - Chads


रविवार, 11 दिसंबर 2016

काश तुम्हे बताया होता

काश तुम्हे बताया होता ,
    अपना दिल ए हाल,  खुल के सुनाया होता !
क्यों तुम्हे देख कर हो जाते हैं होंठ बंद मेरे ,
    तुम्हे जी भर के बताया होता !! 
तुमसे वोह रोज़ रोज़ की तकरार ,
    मुझे क्यों न जाने आने लगा था उस पर प्यार !
छुप छुप के तुम्हे यूं देखना ,
   काश तुम्हे एक बार बताया होता !! 
तुम्हारा खिलखिलाना, वोह लड़कपन,
   वोह बात बात पर शर्माना !
याद आता है मुझे,
    वोह मिलना , वोह घंटों बात करना ,
 वोह बातों को देर तक सोचना !! 
अब भी चौंक कर उठ जाता हूँ में ,
   जब भी तुम मेरे सपने में आती हो !
लेकिन फिर क्यों इतना दूर चली जाती हो !!
पकड़ने जाता हूँ में जैसे,
    तुम दूर कहीं छुप जाती हो !! 
एक बार तो कह दो,
   कभी , याद करती हो मुझे  !
 झूट ही सही,
   समझा दो जीने का अर्थ मुझे  !! 
कभी तो , किसी मोड़ पर मुलाकात होगी ,
   बस यही आशा करता हूँ !
कि वोह जीना का अंत नहीं ,
     एक नयी शुरुवात होगी !!     @Chads - आशीष चड्ढा 





सोमवार, 5 दिसंबर 2016

थोड़ी चंचल हैं, थोड़ी नाज़ुक

थोड़ी चंचल हैं, थोड़ी नाज़ुक हैं,
       उनकी अदा सबपर भारी है !
 मुस्कुरा दें तो कसम से मर जाएंगे ,
       जो खामोश रहीं,  तो यूं क्या जी पाएंगे  !!

आँखों में नशा,  लबों पर गुलाब है !
       आवाज़ में शहद जैसी कुछ मिठास है !!

चलती हैं ,
       तो सांसे थम जाती हैं !
रूकती हैं , तो समां बाँध जाती हैं !!

नाश है, मदहोशी भी है !
    साथ में  है,  और ख़ामोशी भी है !!

चाँद कह दूं, तो शरम से छुप जाये  वोह !
        शरम की उनको हटाये कौन !!

आँखों का झुकना , वोह उनका शर्माना !
    जाने अब इनसे हमें बचाये कौन !!

 कसम से हम मर न जाते ,
     इस सपने से हमें जगाये कौन !!   Chads - आशीष चड्ढा


     



रविवार, 15 अप्रैल 2012

किसी ने कहा प्यार है

किसी ने कहा प्यार है, 
   दिल ने कहा बेकार है !
जिसके प्यार करो उसका किसी और से करार है,  
     तो क्या ख़ाक प्यार है !!
जिसकी आँखों की मस्ती में, ज़िन्दगी काटनी थी !
    उस मस्ती का तो कोई और ही हकदार है !!
देखा तुझे, सोचा तुझे, पलकों पर सजाया तुझे, 
                            पर क्यों न बताया तुझे !
सोचा तुझे कह ही दूं, 
        दिल के राज़ खोल ही दूं !
कम्भक्त होंठ बोलते नहीं , , 
       तुझे देख कर सोचते नहीं !!
यह प्यार है, 
      तो तन्हाई क्यों ! 
 तू है , 
      तो बेवफाई क्यों !!
तू हवा है, जो उडती है, चली जाती है, 
                 और अपने होने का एहसास हमेशा के लिए दे जाती है !!
ज़िन्दगी की कशमकश में, 
             तेरा इंतज़ार रहेगा ! 
तू न सही, तेरी यादों का सहारा रहेगा !!