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बुधवार, 24 मई 2017

अमेरिका में रेल की सवारी


अमेरिका में रेल की सवारी
सोचा था फिर से,   रेल गाड़ी पकड़ेंगे !
रेलगाड़ी ने ,
पुरानी यादें ताज़ा कर दीं !

हर स्टेशन को वीराना सा पाया ,
       ना कोई शोर ,
और ना कोई चाय-चाय बुलाता आया !
काश हम उतरते,
    कहीं पकोड़े,
 और कहीं चाय  का खुलड़ उठाते ,
कहीं से बच्चों को चंपक और चंदामामा दिलाते !

ना कुछ बेचने वाले दिखते हे,
ना कोई सवारी ,
कुली का शोर दिखा नहीं ,
दिखे तो बस चंद सवारियाँ ,
अपनी अपनी दिशाओं को जाती,
मुस्कुराती, 
लेकिन अपनी रेलगाड़ी की याद दिलाती !!       #शब्दरस chads