यह पतझड़ का मौसम,
आया है,
भगवान ने रंगों को जैसे,
तबियत से बिछाया है !
सुहाना यह मौसम,
करता दीवाना ,
जैसे चाहता है,
मेरी ज़िन्दगी की परतों को दिखाना !
अपने रंगों में इसको,
तुमको है छिपाना,
वोह दर्द लपेटे,
यह केसा मस्ताना !
दिखता, जाता, बताता,
फिर आएगा मौसम सुहाना !
यह पतझड़ का मौसम !! - आशीष चड्ढा - Chads
आया है,
भगवान ने रंगों को जैसे,
तबियत से बिछाया है !
सुहाना यह मौसम,
करता दीवाना ,
जैसे चाहता है,
मेरी ज़िन्दगी की परतों को दिखाना !
अपने रंगों में इसको,
तुमको है छिपाना,
वोह दर्द लपेटे,
यह केसा मस्ताना !
दिखता, जाता, बताता,
फिर आएगा मौसम सुहाना !
यह पतझड़ का मौसम !! - आशीष चड्ढा - Chads